जुर्म

प्रशासन का चला चाबुक,राशन हेरा-फेरी में 8 कोटेदारों पर कार्रवाई

गाजीपुर:लाकडाउन और कोरोना महामारी में भी गरीबों के राशन पर कोटेदारों द्वारा डांका डालना अब उनको महंगा पड़ रहा है।कोटेदारों की अनियमितता को लेकर जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य सख्त हो गए है।बुधवार को जिलापूर्ति अधिकारी कुमार निर्मलेन्दु ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि जिले में अब तक लापरवाही और राशन में हेराफेरी के मामले में 8 कोटेदारों की दुकान को निलंबित करते हुए उनपर एफआईआर दर्ज कराया गया है।
मंगलवार की शाम जिलाधिकारी के आदेश पर जिला पूर्ति विभाग की टीम ने मरदह ब्लॉक के गोबिंदपुर(कीरत)गांव में कोटेदार अजित चतुर्वेदी के दुकान पर छापा मारा।छापेमारी के दौरान कोटेदार के यहाँ भारी अनियमितता मिली।कोटेदार के यहाँ साढ़े बारह कुंतल चावल स्टॉक से अधिक और साढ़े चार कुंतल गेंहू स्टॉक से कम पाया गया।साथ ही साथ खाद्यान निरीक्षक गोविंद सिंह और धीरेंद्र त्रिपाठी ने गांव में घूमकर लाभार्थियों से राशन वितरण के बारे में पूछताछ भी किया।इस दौरान कोटेदार द्वारा कई बार छापेमारी करने पहुचीं टीम से दुर्व्यवहार भी किया गया।जिसके बाद टीम ने पुलिस फोर्स बुला लिया।स्टॉक में हेराफेरी और राशन वितरण में धांधली के बाद टीम ने कोटेदार की दुकान निलंबित करते हुए थाने में एफआईआर दर्ज कराया और कोटेदार के बचे हुए राशन को पास के बरेंदा गांव के कोटेदार को वितरण के लिए दिया गया। जिलाधिकारी के आदेश के बाद कि छापेमारी की खबर से क्षेत्र के कोटेदारों में हड़कम्प मचा रहा।खाद्यान निरीक्षक गोविंद सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी ने आदेश के बाद कोटेदार के यहाँ छापेमारी में स्टॉक में अनियमितता पाई गई।जिसके कारण दुकान को निलंबित करते हुए बिक्रेता के ऊपर एफआईआर दर्ज कराया गया है।वही मरदह बाजार के कोटेदार कलावती देवी एवम उनके पुत्र अनिल सिंह के ऊपर राशन वितरण में अनियमितता को लेकर पूर्ति विभाग ने दुकान को निलंबित करते हुए उनके ऊपर एफआईआर दर्ज कराया है।

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