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अंग्रेज ने कहा : मैं भारत का फैन बन गया , ऐसा इलाज तो मेरे देश में भी नहीं होता

DNN EXCLUSIVE:

बकौल ब्रायन “मुझे नहीं लगता है कि ब्रिटेन में मेरा बेहतर इलाज होता. सभी मेडिकल फैसले ठीक वक्त पर लिए गए. मेडिकल टीम समर्पित थी. वे मरीज के लिए बेहतर से बेहतर उपाय कर रहे थे. वे लगातार मेरी पत्नी को भी मेरी स्थिति के बारे में बताते रहे. इससे मेरी पत्नी को भी निश्चिंत रहने में बहुत मदद मिली”
देश में कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में केरल भी शामिल है. अब तक राज्य में इस बीमारी से दो लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य में 50 लोग ऐसे भी हैं जिनकी ठीक होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी हो चुकी है. ठीक होने वालों में पठानमथिट्टा के रहने वाले 93 साल के थॉमस और 88 साल की मरियाम्मा भी हैं. ये दोनों पति-पत्नी हैं. केरल में सात विदेशी नागरिकों को भी इलाज के लिए भर्ती कराया गया. इनमें 57 साल के ब्रिटिश नागरिक ब्रायन लॉकवुड भी शामिल हैं. ब्रायन अपनी पत्नी समेत 18 लोगों के साथ केरल के टूर पर आए थे. ब्रायन को दुबई की फ्लाइट पकड़ने से कुछ समय पहले ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अब उन्हें छुट्टी मिल चुकी है. वे कलामासेरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे. 14 दिन के निगरानी पीरियड के बाद वे अपने देश जा सकेंगे. उन्होंने इलाज के अनुभवों के बारे में मीडिया से बातचीत के दौरान कोरोना से ठीक होने के बारे में कहा कि उनका नज़रिया बदल गया है. वे दार्शनिक अंदाज़ में कहते हैं कि भौतिक चीज़ें अब उनके लिए मायने नहीं रखतीं. परिवार और सेहत अब उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है. उन्होंने कहा कि सरकार जो भी कह रही है उसे मानना चाहिए

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